Maha Shivaratri in 2024

2024 में महा शिवरात्रि - शिवरात्रि महोत्सव के बारे में सब कुछ जानें

Maha Shivaratri in 2024

नमस्कार मैं रुद्राक्ष श्रीमाली

भारत में महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण व आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह रात साल की सबसे शक्तिशाली रात होती है यदि इस रात्रि कोई भी व्यक्ति शिव को याद करें तो उसे भगवान शिव का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मैं आपको बताने जा रहा हूं, यह रात हम सभी के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों है।

ईश्वर की चाह रखने वालों के लिए,

सभी दुखों का अंत करने के लिए,

यह एक महत्वपूर्ण रात है इस रात आपको शिव का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो ऐसी मन कामना करता हूं।

:रुद्राक्ष श्रीमाली

क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि?

फाल्गुन चतुर्दशी: ये वह विशेष व महत्वपूर्ण तिथि है जब भगवान शिव ने वैराग्य जीवन छोड़कर देवी पार्वती संग विवाह किया था और गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। इसीलिए पूरे संसार में व विशेष भारत में इसे उत्सव व त्यौहार की तरह मनाया जाता है इस दिन शिव भक्त मनमोहक होकर शिव की भक्ति करते हैं, और शिव को याद करते हैं।

कब मनाई जाती है शिवरात्रि?

अमावस्या से पूर्व की रात्रि यानी चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है। वही फाल्गुन मास चतुर्दशी तिथि यानी भगवान शिव, माता पार्वती के विवाह के विशेष दिन पर महाशिवरात्रि मनाई जाती है।

महाशिवरात्रि का महत्व:

महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान शिव की भक्ति, उपासना सभी भक्तजन करते हैं। पूरी रात भक्त जाग कर भगवान शिव का नाम जपते हैं, सभी विधि-विधान से पूजा उपासना करते हैं जिससे महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। यह दिन भगवान शिव और उनके भक्तजन दोनों के लिए बहुत विशेष है इस दिन शिव जी का प्राकट्य हुआ था वही माता पार्वती से भगवान शिव का विवाह भी हुआ था। इसीलिए महाशिवरात्रि उत्सव की तरह मनाई जाती है।

“शिव कोई पुरुष नहीं है, शिव एक अद्भुत शक्ति के स्रोत है जिस शक्ति के प्रभाव से पूरा संसार चल रहा है और हम सभी भी जीवन व्यतीत कर रहे हैं”

मैं आपको बताता हूं यह रात हम सभी के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

हम सभी का जीवन समस्याओं से भरा हुआ है आज के आधुनिक समय में, व्यस्त जीवन शैली में व समय की तीव्र गति में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हम सभी पर तेजी से पढ़ रहा है। नकारात्मक ऊर्जा के साथ ही हम मानसिक व शारीरिक दृष्टि से भी कमजोर होते जा रहे हैं जिससे हम अभी नहीं समझ या महसूस कर पा रहे हैं। और इन सभी से मुक्ति पाने के लिए नकारात्मक से सकारात्मक ऊर्जा का सफर केवल भगवान शिव के नाम लेने से ही पूरा किया जा सकता है। 

‘महाशिव-रात्रि’ पर यदि विधि विधान से पूजा उपासना कर पूरी रात भगवान शिव की पूजा की जाए तो सभी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है, जीवन में समस्याओं से मुक्ति मिलती है वही सर्वोपरि भगवान शिव का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।

इसीलिए मैं आपको यही सलाह दूंगा कि शिवरात्रि के पावन अवसर पर आप पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना कारण और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

यदि आप पूर्ण पूजा नहीं कर सकते हैं तो इस विशेष मंत्र का कम से कम 108 जप जरूर करें।

ध्यान – ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्वलाङ्गं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम् ।

 पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं

 विश्वाद्यं विश्ववन्द्यं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम् ॥

मैं कामना करता हूं आपके उज्जवल भविष्य की।

“हर हर महादेव”

आपका रुद्राक्ष श्रीमाली

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Maha Shivaratri in 2024

Maha Shivaratri in 2024 - Know all about Shivaratri Festival

Hello, I am Rudraksh Shrimali.

In India, Mahashivratri is celebrated as the most important and spiritual festival. This night is considered the most powerful night of the year, and anyone who remembers Shiva on this night receives his full blessings.

Let me tell you why this night is so important for all of us.

On Falgun Chaturdashi, the special day when Lord Shiva left his ascetic life and married Goddess Parvati, entering into family life, is celebrated as Mahashivratri around the world, especially in India. On this day, Shiva devotees mesmerize themselves with devotion and remembrance of Shiva.

Mahashivratri is celebrated on the night before Amavasya, which is the fourteenth day of the Falgun month, the special day of the marriage of Lord Shiva and Goddess Parvati.

Significance of Mahashivratri:
Devotees worship and meditate on Lord Shiva on the occasion of Mahashivratri. Throughout the night, devotees stay awake, chanting Shiva’s name and performing rituals to seek blessings from Lord Shiva. This day holds immense significance for both Lord Shiva and his devotees, as it marks the emergence of Lord Shiva and his marriage to Goddess Parvati. Therefore, Mahashivratri is celebrated as a festival.

“Shiva is not just a man; he is the source of an incredible power that sustains the entire universe, and we are all living our lives because of that power.”

I would like to explain why this night is so important for all of us.
In today’s modern times, our lives are filled with problems, and the impact of negative energy is rapidly increasing due to busy lifestyles and the fast pace of life. To find relief from all these, the journey from negative to positive energy can only be completed by chanting the name of Lord Shiva.
On the auspicious occasion of Mahashivratri, if you perform puja and worship Lord Shiva with devotion throughout the night, all negative energies dissipate, and you attain freedom from life’s problems. Moreover, you receive the ultimate blessing of Lord Shiva.

Therefore, my advice to you is to observe Mahashivratri with full devotion and seek blessings from Lord Shiva through proper rituals and worship.

If you are unable to perform the full puja, then at least chant the following mantra at least 108 times:

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